Category Archives: समसामयिक

विश्वनाथ प्रताप सिंह की राय

पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के संबंध में मंडल आयोग की सिफारिशों को आंशिक रूप से लागू करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बी.बी.सी. के साथ इस विषय पर एक बातचीत में अपने दृष्टिकोण को साफगोई के साथ … Continue reading

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पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण पर बहस

वर्चस्व और प्रतिरोध की पृष्ठभूमि समाज में शांति, सौहार्द और समरसता स्थापित करने के लिए समानता और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना अनिवार्य है। लेकिन भारतीय समाज में समानता और स्वतंत्रता कभी वास्तविकता नहीं रही। पुरातन काल से ही हमारे यहाँ … Continue reading

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इंतजार

कब से इंतजार कर रहा हूँ मैं कि तुम उतरो मेरे आँगन में और मेरे हाथों में हाथ डालकर मेरे साथ नाचो, गाओ, झूमो देखो, मैं कितना खुश हूँ पर खुशी को अकेले तो भोगा नहीं जा सकता तुम भी … Continue reading

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बढ़ जाओ आगे तुम

बढ़ जाओ आगे तुम मैंने राह छोड़ दी है तुम्हारे लिए नहीं, हारा नहीं हूँ मैं पर मैं तुमसे लड़ा ही कब था मैंने लड़ना-भिड़ना छोड़ दिया है तुम इसे कायरता या पलायन मानते हो तो मानते रहो पर यह … Continue reading

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क्या है लाभ के पद की परिभाषा ?

निर्वाचन आयोग ने समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह को उत्तर प्रदेश विकास परिषद के अध्यक्ष के रूप में लाभ का पद धारण करने के कारण राज्य सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में जारी नोटिस … Continue reading

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कब मिलेगा आवास का मौलिक अधिकार

“सबै भूमि गोपाल की”– क्या यह उक्ति आज के संदर्भ में भी सार्थक है? पूरी धरती की बात फिलहाल हम नहीं कर सकते। क्या भारत के समस्त भू-क्षेत्र पर सभी नागरिकों का समान अधिकार है? क्या भारत के सभी नागरिकों … Continue reading

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भारत में पसारे बर्ड फ़्लू ने पैर

महाराष्ट्र के नंदुरबार और धुले ज़िलों में स्थित मुर्ग़ीपालन फार्मों में पिछले दस दिनों से बड़ी संख्या में मुर्गियों के मरने का सिलसिला चल रहा था। मुर्गीपालन से जुड़े स्थानीय लोग इसे ‘रानीखेत’ नामक एक मौसमी बीमारी मानकर चल रहे … Continue reading

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