Category Archives: समसामयिक

सूचना को छिपाने के नौकरशाही के हथकंडे

संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने नौकरशाही के दबाव के सामने झुकते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में संशोधन करके फाइल नोटिंग्स को सूचना के दायरे से बाहर निकालने की विफल चेष्टा की। यदि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2 … Continue reading

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नासमझ स्वामीभक्त बंदर

राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर भारत सरकार के आदेश से इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों ने जिस प्रकार से ब्लॉगिंग की सेवा प्रदान करने वाले कुछ प्रचलित डोमेन को प्रतिबंधित किया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक और संविधान-विरोधी है। सरकार के नासमझी … Continue reading

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आरक्षण : विरोध के बावजूद

तमाम विरोध प्रदर्शनों और मीडिया द्वारा उसे लगभग एकतरफा एवं पक्षपातपूर्ण ढंग से तूल दिए जाने के बावजूद केन्द्र सरकार ने अगले शैक्षिक सत्र से पिछड़ी जातियों के लिए 27% आरक्षण के प्रावधान को लागू करने का निर्णय कर ही … Continue reading

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आरक्षण के समर्थन में मुखर अन्य प्रभावी स्वर

हंस, जून, 2006 अर्जुनों का विद्रोह The Hindu, 18 June, 2006 The return of discrimination Frontline, 03-16 June, 2006 Pride and prejudice IBN Live.com, 10 June, 2006 No review of quota policy: FM CNN-IBN, 10 June, 2006 Majority of Indians … Continue reading

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आरक्षण बनाम योग्यता

यह सही है कि आरक्षण का मुद्दा भारत में राजनीतिज्ञों के लिए वोटबैंक को बढ़ाने और बरकरार रखने का हथियार बन चुका है। यह भी सही है कि आरक्षण के प्रावधान से विकास की रफ्तार बाधित होती है। यह भी … Continue reading

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प्रायोजित आरक्षण-विरोध का पर्दाफाश

पिछड़े वर्गों के लिए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण से संबंधित केन्द्र सरकार के प्रस्ताव पर विरोध को रणनीतिक ढंग से प्रायोजित करने के लिए कुछ पत्रकारों ने जिस तरह से पत्रकारिता के मानदंडों की धज्जियाँ उड़ाते हुए … Continue reading

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आरक्षण पर शरद यादव की राय

मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शरद यादव ने बी.बी.सी. के साथ बातचीत में उन राजनीतिक परिस्थितियों का खुलासा किया है, जिसमें पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का रास्ता खोल पाना संभव हो पाया।

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