कब से इंतजार कर रहा हूँ मैं
कि तुम उतरो मेरे आँगन में
और मेरे हाथों में हाथ डालकर
मेरे साथ नाचो, गाओ, झूमो
देखो, मैं कितना खुश हूँ
पर खुशी को अकेले तो भोगा नहीं जा सकता
तुम भी आओ मेरे साथ
मेरी खुशियों के सहभागी बनो
तुम आओगे तो मैं यह भी भूल जाऊँगा कि
मैं किसी कारण से खुश था
मैं तो तुम्हारे आने की खुशी में ही पागल हो जाऊँगा
तुम्हारे आने की खुशी से बढ़कर और खुशी क्या होगी
तुम आ जाओ दोस्त मेरे
मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ।








life is waiting.Its a long wait for happiness, loved ones,a wish to come true,to go home,to attain the impossible, to attain nirvana ,this or that.
अच्छी कविता है।
शुभकामनाएँ
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बहुत मनमोहक कविता है,लिखते रहिये